# Top {26 January} Speech in Hindi 2018 Free Download

By | January 17, 2018

26 January Speech in HindiDownload free Republic day Gantantra Diwas Speech Bhashan in Hindi for teachers students college students professors or for a college event. 26th January celebrated as republic day in india every year. India celebrated this day with lot of joy. People send wishes on this day to their loved ones. 

School and colleges also organise function on this day, and student will perform and give speech on this day. So this 26 January speech in hindi will be beneficial for them. 

26 January Speech in Hindi

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गणतंत्र दिवस

प्रिय दोस्तों,

सभी को हाथ जोड़कर प्रणाम,

गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (Act 1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था।  26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज को फहराया जाता हैं और इसके बाद सामूहिक रूप में खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है। गणतंत्र दिवस को पूरे देश में विशेष रूप से भारत की राजधानी दिल्ली में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर के महत्व को चिह्नित करने के लिए हर साल एक भव्य परेड इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन (राष्ट्रपति के निवास) तक राजपथ पर राजधानी, नई दिल्ली में आयोजित किया जाता है।

इस भव्य परेड में भारतीय सेना के विभिन्न रेजिमेंट, वायुसेना, नौसेना आदि सभी भाग लेते हैं। इस समारोह में भाग लेने के लिए देश के सभी हिस्सों से राष्ट्रीय कडेट कोर व विभिन्न विद्यालयों से बच्चे आते हैं, समारोह में भाग लेना एक सम्मान की बात होती है। परेड प्रारंभ करते हुए प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति (सैनिकों के लिए एक स्मारक) जो राजपथ के एक छोर पर इंडिया गेट पर स्थित है पर पुष्प माला डालते हैं। इसके बाद शहीद सैनिकों की स्मृति में दो मिनट मौन रखा जाता है। यह देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए लड़े युद्ध व स्वतंत्रता आंदोलन में देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के बलिदान का एक स्मारक है। इसके बाद प्रधानमंत्री, अन्य व्यक्तियों के साथ राजपथ पर स्थित मंच तक आते हैं, राष्ट्रपति बाद में अवसर के मुख्य अतिथि के साथ आते हैं।

परेड में विभिन्न राज्यों की प्रदर्शनी भी होती हैं, प्रदर्शनी में हर राज्य के लोगों की विशेषता, उनके लोक गीत व कला का दृश्यचित्र प्रस्तुत किया जाता है। हर प्रदर्शिनी भारत की विविधता व सांस्कृतिक समृद्धि प्रदर्शित करती है। परेड और जुलूस राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित होता है और देश के हर कोने में करोड़ों दर्शकों के द्वारा देखा जाता है। भारत के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये भाषण को सुनने के लिए लाखों कि भीड़ लाल किले पर एकत्रित होती है।

हमारे भारत देश में  बहुत मुश्किल से, दशकों तक किए गए लोगों के प्रयास से देश जाति के बंधन से मुक्त होने की तरफ बढ़ रहा है। लेकिन आप जैसे लाखों-करोड़ों लोगों की इस मेहनत पर कुछ समाज विरोधी लोगों ने अपनी नजरें टिका दी हैं। ये लोग फिर से देश को जाति के नाम पर बांटने का षड़यंत्र कर रहे हैं। ऐसे लोगों को आज की युवा पीढ़ी द्वारा जवाब दिया जा रहा है। भारत का नौजवान कुछ मुट्ठी भर लोगों के बहकावे में नहीं आने वाला। देश में जातिवाद, कुरीतियां, अंध विश्वास खत्म करने का संकल्प लेने वाले ऐसे नौजवान, न्यू इंडिया के सपने को साकार करेंगे। वो भारत के नए विक्रमी-पराक्रमी, विकासमान चेहरे का प्रतीक हैं।

ऐसा हर नौजवान जो राष्ट्र निर्माण में Pro-Active होकर अपनी ड्यूटी निभा रहा है, न्यू इंडिया के संकल्प को सिद्ध करने के लिए काम कर रहा है। किसी खेत में, किसी कारखाने में, किसी स्कूल में, किसी कॉलेज में, गली-मोहल्ले-नुक्कड़ में देश की सेवा में जुटा हर व्यक्ति भारत देश का आम नागरिक है। जो इस समय स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ा रहा है, गांव-गांव जाकर लोगों को डिजिटल सारक्षता प्रदान कर रहा है, वो भारत देश का आम नागरिक है है। जो अपनी energy को, अपने ideas को, अपने innovations को समाज के हित में लगा रहा है, भारत देश का आम नागरिक है।

साथियों, पिछले वर्ष एक कार्यक्रम हुआ था- स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन। इस कार्यक्रम में 40 हजार से ज्यादा युवा, देश की लगभग 600 समस्याओं के डिजिटल समाधान के लिए जुटे थे। लाखों-करोड़ों साधारण से लोग, भारत की मिट्टी की सुगंध लिए न्यू इंडिया के निर्माता इन्हें मैं प्रणाम करता हूं !

साथियों, 2022 में हमारा देश स्वतंत्रता के 75वें वर्ष का पर्व मनाएगा। ये पर्व क्या हम देश की आंतरिक कमजोरियों के साथ मनाएंगे? नहीं। हम सभी ने संकल्प लिया है न्यू इंडिया बनाने का। इस संकल्प में आपका योगदान, संकल्प से सिद्धि की इस यात्रा को और सुगम कर देगा। क्या शिक्षा के क्षेत्र में, बेटियों को पढ़ाने के क्षेत्र में, युवाओं में कौशल विकास के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, स्वच्छता के क्षेत्र में, डिजिटल साक्षरता के क्षेत्र में, सौर ऊर्जा के प्रसार के लिए, क्या आपके द्वारा भी कोई संकल्प लिया जा सकता है?

मुझे पता है कि आप इस तरह के क्षेत्रों में पहले से काम कर रहे हैं। लेकिन क्या आंकड़ों में लक्ष्य तय करके कोई संकल्प लिया जा सकता है। जैसे क्या ये संकल्प लिया जा सकता है कि अगले दो वर्ष में 2 हजार, 5 हजार गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने में मदद की जाएगी। क्या ये संकल्प लिया जा सकता है कि अगले दो वर्ष में आपके चुने हुए 5 हजार गांवों में, हर घर में LED बल्ब होगा।

साथियों, सरकार इन सभी सेक्टरों में कार्य कर रही है लेकिन लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने में, लोगों को प्रेरित करने में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है। मेरा विश्वास है कि आप जब कदम बढ़ाएंगे, तो लाखों की शक्ति आपके संकल्पों को सिद्ध करेगी।

गणतंत्र दिवस के लिए मेरे दो प्रश्न है !

  1. जैसा की अब सबको ये पता ही होगा की अभी सुप्रीम कोर्ट ने राष्टीय गान चलाने के बारें में सिनेमाज वालो को छूट दे दी है ? क्या आपके विचार से ये सही है ? क्या हम २ मिनट अपने राष्ट्रीय गान के लिए नहीं दे सकते ? आप क्या राय है !
  2. गणतंत्र दिवस के दिन कोई भी भाई बहन प्लास्टिक से बने झंडे मत ख़रीदे, क्या ये सुप्रीम कोर्ट का सही निर्णय है ! आप क्या राय है !

कृपया करके आप अपनी राय दे! इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी बात समाप्त कर रहा हूं। एक बार फिर मैं मंच पर उपस्थित सभी संतों को प्रणाम करता हूं। 

धन्यवाद!

गणतंत्र दिवस का इतिहास 

एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था। 26 जनवरी को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था। यह भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है, अन्य दो स्‍वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती हैं। 26 नवम्बर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया, इसलिए 26 नवम्बर दिवस को भारत में संविधान दिवस के रूप में प्रति वर्ष मनाया जाता है। संविधान सभा ने संविधान निर्माण के समय कुल 114 दिन बैठक की। इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी। अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये। इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को यह देश भर में लागू हो गया।

26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर भाषण

आप सभी को सुप्रभात। मेरा नाम _____है और मैं____कक्षा में पढता हूँ / शिक्षक हूँ। जैसे की हम सब जानते हैं आज हम साब यहाँ इस विशेष अवसर पर एकत्र हुए हैं जिसे हम भारत के गणतंत्र दिवस के नाम से जानते हैं। 

मैं आज के इस महान दिन में आप सभी लोगों को भारत के गणतंत्र दिवस के विषय में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताना चाहता हूँ। आप सभी लोगों का मैं शुक्रिया करना चाहता हूँ की आप लोगों ने मुझे यह अद्भुत अवसर दिया ताकि में अपने प्यारे देश के विषय में इस महान दिन पर अपने कुछ शब्द आप लोगों के समक्ष रख सकूं।

हमारा देश भारत 15 अगस्त 1947 से स्वराज्य बन चूका है। भारत को ब्रिटिश सरकार / हुकूमत से 15 अगस्त को आज़ादी मिली थी। परन्तु हमारे देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागु हुआ और हम उस दिन को पूर्ण रूप से आजादी मानते हैं इसलिए हम अपनी आज़ादी की ख़ुशी में प्रतिवर्ष यह उत्सव मनाते हैं।

इस वर्ष 2017 को हम भारतवासी, हमारे देश भारत का 68वां गणतंत्र दिवस आज मना रहे हैं। रिपब्लिक या गणतंत्र का मतलब होता है लोगों की सर्वोच्च शक्ति यानि की देश में लोगों के ऊपर अपने राजनीतिक नेता को चुनने का अधिकार होता है। हमारे महान स्वतंत्रता सेनानीयों के कड़ी मेहनत और संघर्ष के पश्चात ही भारत को पूर्ण स्वराज मिला। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया ताकि हमें वो जुल्म सहना ना पड़े और हमारा देश भारत आगे बढ़ सके।

हमारे कुछ महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और नेताओं के नाम हैं महात्मा गाँधी, भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार बल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री। उन्होंने लगातार कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार का सामना किया और हमारे वतन को आज़ाद कराया। उनके इस बलिदान को हम कभी भी भुला नहीं सकते हैं और उन्हें हमेशा एक महान उत्सव और समारोह के जैसे ही दिल से याद करना चाहिए क्योंकि उन्ही की वजह से आज हम अपने देश में आज़ादी से सांस ले पा रहे हैं।

हमारे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जिन्होंने कहा था, ” हमारे पूर्ण महान और विशाल देश के अधिकार को को हमने एक ही संविधान और संघ में पाया है जो देश में रहने वाले 320 लाख पुरुषों और महिलाओं के कल्याण की जिम्मेदारी लेता है।

यह बहुत ही शर्म की बात है की इतने वर्षों के आज़ादी के बाद भी आज हम अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा से लड़ रहे हैं। अब हमें दोबारा मिल कर अपने देश को इन बुरी चीजों से दूर करना होगा और एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना होगा। हमें गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता, आदि जैसे चीजों को समझना होगा और इनका हल भी खोजना होगा।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे अब्दुल कलाम जी ने कहा था कि अगर देश को भ्रष्टाचार मुक्त और महान और अच्छे ज्ञान वाले लोगों का बनाना है तो मुझे लगता है कि सोसाइटी से जुडी तीन चीजें है जो बदलाव ला सकते हैं। वो हैं माता, पिता, और शिक्षक। भारत देश के नागरिक होने के कारण हमें सोचना चाहिए की हम अपने देश को किस हद तक सफल बना सकते हैं।

जय हिंदी !

26 January Speech in Hindi 2018

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